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22 साल बाद पकड़ा गया गैंगरेप का मुख्य आरोपी, तब CM को देना पड़ा था इस्तीफा

नई दिल्ली/भुवनेश्वर: उड़ीसा की राजनीति को झंकझोर कर रख देने वाले एक बलात्कार कांड का आरोपी 22 सालों बाद पकड़ा गया है. सन 1999 में हुई इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जीबी पटनायक को इस्तीफा देना पड़ा था. उड़ीसा पुलिस ने मुख्य आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया है.

9 जनवरी, 1999 को एक आईएफएस अधिकारी की पत्नी जो घटना के समय 29 साल की थी, कटक से भुवनेश्वर जा रही थी. इसी दौरान उनकी कार को रोक कर तीन लोगों ने गैंगरेप किया था. इसके बाद पीड़ित पक्ष ने इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री पर ही ऊंगली उठा दी थी. साथ ही एडवोकेट जनरल इंद्रजीत राय का भी नाम लिया था.

इसके बाद राज्य में राजनीतिक भूचाल आ गया था. इस घटना ने मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया था. हालांकि, जो आरोप पटनायक के खिलाफ पीड़ित पक्ष ने लगाया था उसे एफआईआर में शामिल नहीं किया गया था. घटना के 17 दिन बाद दो आरोपी प्रदीप साहू और दिरेंद्र मोहंती को गिरफ्तार किया गया था.

हालांकि मुख्य आरोपी विवेकानंद विस्वाल भागने में सफल हो गया था. करीब दो दशकों के बाद उड़ीसा पुलिस ने उसे मुंबई से गिरफ्तार किया है. वह लोनावाला के एंबी वैली में छिपा हुआ था. वहां वह प्लंबर का काम करता था. इसे पकड़ने के लिए पुलिस ने विशेष ऑपरेशन चला रखा था जिसका नाम ‘साइलेंट वाइपर’ था.

गौरतलब है कि इस मामले में दो अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. सीबीआई ने इस मामले में जांच की थी. अभी तीन माह पहले भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने मामले की फाइल फिर से खोली थी. उसके बाद से काफी गहनता से उसकी तलाश चल रही थी. उसने जाली नाम पर आधार कार्ड भी बनवा रखा था.

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