Arenacakes

Blog

Uncategorized

DigiSevak : डिजिटल इंडिया के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, आप भी वॉलेंटियर बनकर कर सकते हैं सहयोग

डिजी सेवक (DigiSevak) देश के उन नागरिकों के लिए एक ऑनलाइन स्वयंसेवी मंच है, जो डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की सफलता में योगदान करना चाहते हैं. इस प्लेटफॉर्म पर विभिन्न सरकारी विभाग और एजेंसियां ​वॉलंटियर्स के लिए कार्य उपलब्ध कराती है और वॉलंटियर्स अपने कौशल और रुचि के आधार पर अपने लिए कार्यों का चयन कर सकते हैं. यह मंच वॉलंटियर्स के पंजीकरण से लेकर उनके लिए कार्य उपलब्ध कराना, कार्यों का मूल्यांकन, पुरस्कार और वॉलंटियर्स द्वारा दिए गए योगदान की पहचान के लिए साधन प्रदान करता है. भारत की बेहतरी के लिए वालिंटियर के रूप में काम करने वालों को इस ऐप से काफी मदद मिल सकती है. इच्छुक लोग ऐप के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

DigiSevak के उद्देश्य

-डिजिटल इंडिया से संबंधित कार्यों और गतिविधियों के लिए नागरिकों को एक मंच प्रदान करना.

-डिजिटल इंडिया से संबंधित कार्यों और गतिविधियों के लिए वॉलंटियर्स को खोजने के लिए मंत्रालयों और सरकारी एजेंसियों को एक मंच प्रदान करना.

-नागरिकों को उनके हित और कौशल क्षेत्रों में स्वेच्छा से डिजिटल इंडिया की सफलता में योगदान करने का अवसर प्रदान करना.

-डिजिटल स्वच्छता, डिजिटल साक्षरता, ई कचरे, MyGov, डिजिटल लॉकर, सीएससी आदि जैसे डिजिटल भारत के प्रमुख फोकस क्षेत्रों के बारे में जागरुकता पैदा करना.

-सोशल मीडिया और पॉइंट रिडीम सिस्टम के माध्यम से वॉलंटियर्स के काम को पुरस्कृत करना और पहचानना.

इस मंच का उपयोग कौन कर सकता है

डिजिटल इंडिया के तहत किसी भी परियोजना को लागू करने के लिए टास्क ओनर्स

-भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालय और केंद्र सरकार के विभाग

-राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालय और उनका विभाग

-स्वायत्त संगठन/सार्वजनिक उपक्रम/केंद्र सरकार की एजेंसियां

-अंतर्राष्ट्रीय संगठन जो आईसीटी/डिजिटल सेवा परियोजनाओं के लिए वॉलंटियर्स की तलाश कर रहे हैं

-केंद्र सरकार के मंत्रालयों के साथ काम करने और डिजिटल इंडिया के विभिन्न क्षेत्रों पर काम करने वाले अन्य संगठन

-भारत के नागरिक, जो अपने प्रमुख हित और कौशल क्षेत्रों में स्वेच्छा से डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लक्ष्यों में योगदान करने के लिए तैयार हैं

इसके तहत किए जाने वाले कार्य

जागरुकता फैलाना : सृजन डिजिटल इंडिया, साइबर स्वच्छता और डिजिटल साक्षरता के महत्व के बारे में जनता को शिक्षित करना.

डेटा संग्रहण : विशिष्ट एजेंसियों द्वारा आवश्यक फील्ड डेटा (गांव, सीएससी, आरडब्ल्यूए, स्कूल, कॉलेज, ब्लॉक कार्यालय) एकत्र करना

प्रशिक्षण : डिजिटल साक्षरता पाठ्यक्रमों के तहत नामांकन के लिए प्रशिक्षण

फीडबैक संग्रह : डिजिटल इंडिया के हर आउटरीच कार्यक्रम और गतिविधि के बाद फीडबैक डेटा जमा करना

कार्यक्रमों में भाग लेना : सभी डिजिटल इंडिया आउटरीच कार्यक्रमों में भाग लेना

अनुवाद : विभिन्न भारतीय भाषाओं के दस्तावेजों का अंग्रेजी में अनुवाद करना

ये भी पढ़ें-

तमिलनाडु में दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे मोदी, गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स का भी करेंगे शुभारंभ

Petrol-Diesel Prices Hike: तेल की कीमतों में कब आएगी कमी? जानिए- इसके जबाव में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्या बोलीं

AuthenticCapitalstore

Leave a Reply